जिसमें उन्होंने जे. ए. हाब्सन की अंगे्रज़ी पुस्तक ‘साम्राज्यवाद’ से मदद ली थ्ी और इस उच्चतम चरण को पूंजीवाद की मृतप्राय अवस्था बताया था। क्या विवेकानन्द ने हाब्सन और लेनिन से पहले ही 1899 मंे साम्राज्यवाद के बारे में सही भविष्यवाणी नहीं की थी? क्या उनके प्रथम कोटी का भविष्यवद्रष्टा विचारक होने में कुछ संन्देह है? क्या किसी धर्म-प्रचारक द्वारा यह भविष्यवाणी सम्भव है?
विवेकानन्द आगे लिखते हैंः
साधारण प्रजा सारी शक्ति
जिसमें उन्होंने जे. ए. हाब्सन की अंगे्रज़ी पुस्तक ‘साम्राज्यवाद’ से मदद ली थ्ी और इस उच्चतम चरण को पूंजीवाद की मृतप्राय अवस्था बताया था। क्या विवेकानन्द ने हाब्सन और लेनिन से पहले ही 1899 मंे साम्राज्यवाद के बारे में सही भविष्यवाणी नहीं की थी? क्या उनके प्रथम कोटी का भविष्यवद्रष्टा विचारक होने में कुछ संन्देह है? क्या किसी धर्म-प्रचारक द्वारा यह भविष्यवाणी सम्भव है?
विवेकानन्द आगे लिखते हैंः
साधारण प्रजा सारी शक्ति