कि भारत-साम्राज्य यदि उनके हाथों से निकल जाए तो अंगे्रज़ जाति का विनाश हो जाएगा। इसलिए भारत में इंग्लैंड का अधिकार किसी-न-किसी प्रकार जमाए रखना होगा और इसका प्रधान उपाय अंग्रेज़ जाति का ‘गौरव’ भारतवासियों के हृदय में सदा जाग्रत रखना समझा गया है। इस बुद्वि की प्रबलता और उसके अनुसार चेष्टा की अधिकाधिक वृद्वि देखकर हर्ष और खेद दोनों होते हैं।’’ (पृष्ठ 224)
मैकाले की शिक्षा प्रणाली, ईसाई मिशनरियों और रूडयार्ड किपलिंग सरीखे
कि भारत-साम्राज्य यदि उनके हाथों से निकल जाए तो अंगे्रज़ जाति का विनाश हो जाएगा। इसलिए भारत में इंग्लैंड का अधिकार किसी-न-किसी प्रकार जमाए रखना होगा और इसका प्रधान उपाय अंग्रेज़ जाति का ‘गौरव’ भारतवासियों के हृदय में सदा जाग्रत रखना समझा गया है। इस बुद्वि की प्रबलता और उसके अनुसार चेष्टा की अधिकाधिक वृद्वि देखकर हर्ष और खेद दोनों होते हैं।’’ (पृष्ठ 224)
मैकाले की शिक्षा प्रणाली, ईसाई मिशनरियों और रूडयार्ड किपलिंग सरीखे