योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

कि तुम्हारा बाप मूर्ख है। दूसरी बात जो वह सीखता है, वह यह है कि तुम्हारा दादा पागल है। तीसरी बात यह है कि तुम्हारे जितने शिक्षक और आचार्य हैं, वे पाखंडी हैं। और चैथी बात यह है कि तुम्हारे जितने पवित्र धार्मिक ग्रंथ हैं, उनमें झूठी और कपोल कल्पित बातें भरी हैं। इस प्रकार वह निषेघों की खान बन जाता है- उनमें न जान रहती है और न रीढ़... शिक्षा का मतलब यह नहीं कि तुम्हारी दिमाग में ऐसी बहुत-सी बातें इस तरह ठूंस दी जाएं कि अन्तद्र्वन्द्व


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कि तुम्हारा बाप मूर्ख है। दूसरी बात जो वह सीखता है, वह यह है कि तुम्हारा दादा पागल है। तीसरी बात यह है कि तुम्हारे जितने शिक्षक और आचार्य हैं, वे पाखंडी हैं। और चैथी बात यह है कि तुम्हारे जितने पवित्र धार्मिक ग्रंथ हैं, उनमें झूठी और कपोल कल्पित बातें भरी हैं। इस प्रकार वह निषेघों की खान बन जाता है- उनमें न जान रहती है और न रीढ़... शिक्षा का मतलब यह नहीं कि तुम्हारी दिमाग में ऐसी बहुत-सी बातें इस तरह ठूंस दी जाएं कि अन्तद्र्वन्द्व


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