उसका प्रकाश अब चारों ओर फेल रहा था। इससे हमारे देश में नव-जागरण की जो तरंग आई, उसके सबसे पहले प्रमुख प्रवक्ता राजा राममोहन राय हैं। उनके बारे में रोमां रोलां ने लिखा है:
‘‘राममोहन राय वह असाधारण पुरूष थे, जिन्होंने इस प्राचीन महाद्वीप के आध्यात्मिक इतिहास में एक नये युग का प्रारम्भ किया था, वही वास्तव में भारत में सबसे प्रथम विश्व नागरिक थे। अपने जीवन के साठ वर्ष से भी कम समय में प्राचीन एशिया की महान पौराणिक गाथाओं
उसका प्रकाश अब चारों ओर फेल रहा था। इससे हमारे देश में नव-जागरण की जो तरंग आई, उसके सबसे पहले प्रमुख प्रवक्ता राजा राममोहन राय हैं। उनके बारे में रोमां रोलां ने लिखा है:
‘‘राममोहन राय वह असाधारण पुरूष थे, जिन्होंने इस प्राचीन महाद्वीप के आध्यात्मिक इतिहास में एक नये युग का प्रारम्भ किया था, वही वास्तव में भारत में सबसे प्रथम विश्व नागरिक थे। अपने जीवन के साठ वर्ष से भी कम समय में प्राचीन एशिया की महान पौराणिक गाथाओं