और कट्टरता की कड़ी आलोचना कर देने के कारण वे लामा के अनुयायियों के हाथों मरते-मरते बचे।
जब वह बीस बरस के थे तो पिता ने उन्हें घर बुला लिया और उनकी शादी कर दी। लेकिन जब उन्होंने सती-प्रथा के विरूद्व आंदोलन शुरू किया तो पोंगापंथी ब्राह्यणों की प्रेरणा से पिता ने उन्हें 1799 में फिर घर से निकाल दिया।
चैबीस वर्ष की आयु में उन्होंने अंगे्रज़ी, हिबू्र, ग्रीक और लैटिन सीखना प्रारम्भ किया और फिर बाइबिल पढ़ी। सभी धर्माें का तुलनात्मक
और कट्टरता की कड़ी आलोचना कर देने के कारण वे लामा के अनुयायियों के हाथों मरते-मरते बचे।
जब वह बीस बरस के थे तो पिता ने उन्हें घर बुला लिया और उनकी शादी कर दी। लेकिन जब उन्होंने सती-प्रथा के विरूद्व आंदोलन शुरू किया तो पोंगापंथी ब्राह्यणों की प्रेरणा से पिता ने उन्हें 1799 में फिर घर से निकाल दिया।
चैबीस वर्ष की आयु में उन्होंने अंगे्रज़ी, हिबू्र, ग्रीक और लैटिन सीखना प्रारम्भ किया और फिर बाइबिल पढ़ी। सभी धर्माें का तुलनात्मक