उसका मूल वेदान्त दर्शन है। बस, अब क था श्रीरामपुर के मैर्समैन और केरी आदि मिशनरी वेदान्त पर टूट पड़े। उन्होंने जो कुछ लिखा अपने छिछले ज्ञान और कुबुद्वि के कारण अनर्गल लिखा। लेकिन राजा राममोहन रय ने बाइबिल, वेदान्त और दूसरे धर्मों का गहरा अध्ययन किया था, इसलिए उन्होंने धीर, गंभीर भाव से मिशनरियों के प्रचार का जो खंडन किया, वह अत्यन्त युुक्ति-संगत था। उनका यह वेदान्त युद्व एक विख्यात ऐतिहासिक घटना है।
मूर्ति-पूजा, अंधविश्वास
उसका मूल वेदान्त दर्शन है। बस, अब क था श्रीरामपुर के मैर्समैन और केरी आदि मिशनरी वेदान्त पर टूट पड़े। उन्होंने जो कुछ लिखा अपने छिछले ज्ञान और कुबुद्वि के कारण अनर्गल लिखा। लेकिन राजा राममोहन रय ने बाइबिल, वेदान्त और दूसरे धर्मों का गहरा अध्ययन किया था, इसलिए उन्होंने धीर, गंभीर भाव से मिशनरियों के प्रचार का जो खंडन किया, वह अत्यन्त युुक्ति-संगत था। उनका यह वेदान्त युद्व एक विख्यात ऐतिहासिक घटना है।
मूर्ति-पूजा, अंधविश्वास