मैट्रिक पास करने के बाद नरेन्द्रनाथ जनरल असेम्बली कालेज में भर्ती हुआ और एफ.ए. में पढ़ने लगा। इस समय उसकी उम्र अठारह बरस थी। उसकी तेज बुद्वि और आकर्षक व्यक्तित्व ने अध्यापकों और छात्रों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। थोड़े ही समय में बहुत-से विद्यार्थी उसके मित्र बन गए। दरअसल विद्यार्थी उसे अपना मित्र बनाने में गर्व महसूस करते थे। प्रियनाथ सिन्हा नाम के एक मित्र सहपाठी ने इन दिनों के अपने संस्मरण में लिखा हैः
‘‘नरेन्द्रनाथ
मैट्रिक पास करने के बाद नरेन्द्रनाथ जनरल असेम्बली कालेज में भर्ती हुआ और एफ.ए. में पढ़ने लगा। इस समय उसकी उम्र अठारह बरस थी। उसकी तेज बुद्वि और आकर्षक व्यक्तित्व ने अध्यापकों और छात्रों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। थोड़े ही समय में बहुत-से विद्यार्थी उसके मित्र बन गए। दरअसल विद्यार्थी उसे अपना मित्र बनाने में गर्व महसूस करते थे। प्रियनाथ सिन्हा नाम के एक मित्र सहपाठी ने इन दिनों के अपने संस्मरण में लिखा हैः
‘‘नरेन्द्रनाथ