हेदो तालाब के पास जनरल असेम्बली कालेज में भर्ती हुआ और एफ.ए. वहीं से पास किया है। उनके असंख्य गुणों के कारण बहुत से सहपाठी उनमें अत्यंत अनुरक्त हैं। वे उनका गाना सुनकर इतना आनन्दप्रद मानते हैं कि अवकाश पाते ही नरेन्द्र के घर पर उपस्थित हो जाते हैं। बैठकरएक बार नरेन्द्र की तर्क-युक्ति या गाना-बजाना आरम्भ होते ही समय कैसे निकल जाता है, वे समझ नहीं पाते।
‘‘नरेन्द्र इस समय अपने पिता के घर केवल दो बार भोजन करने जाते हैं
हेदो तालाब के पास जनरल असेम्बली कालेज में भर्ती हुआ और एफ.ए. वहीं से पास किया है। उनके असंख्य गुणों के कारण बहुत से सहपाठी उनमें अत्यंत अनुरक्त हैं। वे उनका गाना सुनकर इतना आनन्दप्रद मानते हैं कि अवकाश पाते ही नरेन्द्र के घर पर उपस्थित हो जाते हैं। बैठकरएक बार नरेन्द्र की तर्क-युक्ति या गाना-बजाना आरम्भ होते ही समय कैसे निकल जाता है, वे समझ नहीं पाते।
‘‘नरेन्द्र इस समय अपने पिता के घर केवल दो बार भोजन करने जाते हैं