में रंग दिया कि उसके उपासना-मंदिर के अगले भाग पर क्रास-नुमा बुर्ज बनवाया, जिसके कारण साधारण लोग उसे ‘केशव का गिरजा’ कहने लगे।
कहावत है कि नया मुल्ला ज़्यादा ‘अल्लाह, अल्लाह’ पुकारता है। केशवचन्द्र का उत्साह इतना प्रबल था कि वे मित्रों तथा सहयोगियों से अपने को ‘ईशूदूत’ या ईसा का सेवक कहकर पुकारने का आग्रह करते थे और क्रिसमस का त्योहार उपवास के साथ मनाते थे। उन्होंने अपने उपासना-मन्दिर का द्वार सभी देशों और सभी जातियों
में रंग दिया कि उसके उपासना-मंदिर के अगले भाग पर क्रास-नुमा बुर्ज बनवाया, जिसके कारण साधारण लोग उसे ‘केशव का गिरजा’ कहने लगे।
कहावत है कि नया मुल्ला ज़्यादा ‘अल्लाह, अल्लाह’ पुकारता है। केशवचन्द्र का उत्साह इतना प्रबल था कि वे मित्रों तथा सहयोगियों से अपने को ‘ईशूदूत’ या ईसा का सेवक कहकर पुकारने का आग्रह करते थे और क्रिसमस का त्योहार उपवास के साथ मनाते थे। उन्होंने अपने उपासना-मन्दिर का द्वार सभी देशों और सभी जातियों