सुन्दर प्रतीक है....हमने यह जान लिया है कि प्रत्येक मूर्ति जिसकी कि हिन्दू पूजा करते हैं, ईश्वर के किसी गुण् विशेष का प्रतिनिधित्व करती है और प्रत्येक गुण को किसी विशेष नाम से पुकारा जाता है। नवधर्म में विश्वास रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उन समस्त गुणों के एकमात्र अधिकारी एक ईश्वर की पूजा करनी चाहिए, जिन गुणों का हिन्दुओं ने तैंतीस करोड़ देवताओं में प्रतिनिधित्व दिखलाया है।’’ (रामकृष्ण, पृष्ठ 131)
केशवचन्द्र सेन 1870
सुन्दर प्रतीक है....हमने यह जान लिया है कि प्रत्येक मूर्ति जिसकी कि हिन्दू पूजा करते हैं, ईश्वर के किसी गुण् विशेष का प्रतिनिधित्व करती है और प्रत्येक गुण को किसी विशेष नाम से पुकारा जाता है। नवधर्म में विश्वास रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उन समस्त गुणों के एकमात्र अधिकारी एक ईश्वर की पूजा करनी चाहिए, जिन गुणों का हिन्दुओं ने तैंतीस करोड़ देवताओं में प्रतिनिधित्व दिखलाया है।’’ (रामकृष्ण, पृष्ठ 131)
केशवचन्द्र सेन 1870