हीनयान; सहजयान और नाथपंथ-चार मतों में बंट गया। महायान मत द्वारा ही तिब्बत, चीन और जापान में ईश्वर संबंधी धारणा विकसित हुई। महायान मत ने ही शक्ति पूजा की तांत्रिक विधि चलाई। हिन्दुओं में मूर्ति-पूजा और मन्दिरों में बड़े-बड़े धर्मोत्सव मनाने की प्रथा चैथी ईसवी शताब्दी में बौद्वों ही से आई। पश्चिम बंगाल में महायान सम्प्रदाय ही का अधिक प्रभाव था। काली की विभिन्न प्रकार की मूर्तिया बनाकर शक्ति-पूजा इसी महायान के प्रभाव से शुरू
हीनयान; सहजयान और नाथपंथ-चार मतों में बंट गया। महायान मत द्वारा ही तिब्बत, चीन और जापान में ईश्वर संबंधी धारणा विकसित हुई। महायान मत ने ही शक्ति पूजा की तांत्रिक विधि चलाई। हिन्दुओं में मूर्ति-पूजा और मन्दिरों में बड़े-बड़े धर्मोत्सव मनाने की प्रथा चैथी ईसवी शताब्दी में बौद्वों ही से आई। पश्चिम बंगाल में महायान सम्प्रदाय ही का अधिक प्रभाव था। काली की विभिन्न प्रकार की मूर्तिया बनाकर शक्ति-पूजा इसी महायान के प्रभाव से शुरू