गम्भीर चिंतन शक्ति और तीक्ष्ण बुद्वि के कारण नरेन्द्र सभी विषय बहुत थोड़े समय में सीख लेता था। संगीत, स्वच्छंद भ्रमण, मित्रों के साथ खेल-कूद और हंसी-मजाक के लिए उसे काफी समय मिल जाता था। दूसरे लड़के इससे यह समझ लेते थे कि नरेन्द्र की अध्ययन में बिल्कुल रूचि नहीं है। उनकी देखा-देखी जो दूसरे लड़के खेल-कूद में समय बिताते उनके लिए इसका परिणाम अच्छा नहीं होता।
पाठ्य पुस्तकें तो परीक्षा पास करने का साधनमात्र थी, वरना जैसा कि उसका स्वभाव बन चुका था,
गम्भीर चिंतन शक्ति और तीक्ष्ण बुद्वि के कारण नरेन्द्र सभी विषय बहुत थोड़े समय में सीख लेता था। संगीत, स्वच्छंद भ्रमण, मित्रों के साथ खेल-कूद और हंसी-मजाक के लिए उसे काफी समय मिल जाता था। दूसरे लड़के इससे यह समझ लेते थे कि नरेन्द्र की अध्ययन में बिल्कुल रूचि नहीं है। उनकी देखा-देखी जो दूसरे लड़के खेल-कूद में समय बिताते उनके लिए इसका परिणाम अच्छा नहीं होता।
पाठ्य पुस्तकें तो परीक्षा पास करने का साधनमात्र थी, वरना जैसा कि उसका स्वभाव बन चुका था,