योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



गम्भीर चिंतन शक्ति और तीक्ष्ण बुद्वि के कारण नरेन्द्र सभी विषय बहुत थोड़े समय में सीख लेता था। संगीत, स्वच्छंद भ्रमण, मित्रों के साथ खेल-कूद और हंसी-मजाक के लिए उसे काफी समय मिल जाता था। दूसरे लड़के इससे यह समझ लेते थे कि नरेन्द्र की अध्ययन में बिल्कुल रूचि नहीं है। उनकी देखा-देखी जो दूसरे लड़के खेल-कूद में समय बिताते उनके लिए इसका परिणाम अच्छा नहीं होता।

पाठ्य पुस्तकें तो परीक्षा पास करने का साधनमात्र थी, वरना जैसा कि उसका स्वभाव बन चुका था,


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गम्भीर चिंतन शक्ति और तीक्ष्ण बुद्वि के कारण नरेन्द्र सभी विषय बहुत थोड़े समय में सीख लेता था। संगीत, स्वच्छंद भ्रमण, मित्रों के साथ खेल-कूद और हंसी-मजाक के लिए उसे काफी समय मिल जाता था। दूसरे लड़के इससे यह समझ लेते थे कि नरेन्द्र की अध्ययन में बिल्कुल रूचि नहीं है। उनकी देखा-देखी जो दूसरे लड़के खेल-कूद में समय बिताते उनके लिए इसका परिणाम अच्छा नहीं होता।

पाठ्य पुस्तकें तो परीक्षा पास करने का साधनमात्र थी, वरना जैसा कि उसका स्वभाव बन चुका था,


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