थी। इस सभी ने देश में जातीय भावना उद्घोषित करना प्रारम्भ कर दिया था। इससे देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की जो भावना उत्पन्न हुई थी, हेमचन्द्र उसके सशक्त प्रवक्ता थे।’’ (पृष्ठ 228-29)
इटली की महान क्रान्ति और राष्ट्रीय एकता कोई पचास बरस तक युवकों को प्रेरित करती रही। योगेन्द्रनाथ विद्यासागर ने मेजिनी और गेरीबाल्डी की जीवनियों का बंगला भाषा में अनुवाद किया और पंजाब में लाला लाजपतराय ने भी इन दोनों इतालवी नेताओं की जीवनियां लिखी, जो 1930-32 तक खूब पढ़ी गई।
थी। इस सभी ने देश में जातीय भावना उद्घोषित करना प्रारम्भ कर दिया था। इससे देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की जो भावना उत्पन्न हुई थी, हेमचन्द्र उसके सशक्त प्रवक्ता थे।’’ (पृष्ठ 228-29)
इटली की महान क्रान्ति और राष्ट्रीय एकता कोई पचास बरस तक युवकों को प्रेरित करती रही। योगेन्द्रनाथ विद्यासागर ने मेजिनी और गेरीबाल्डी की जीवनियों का बंगला भाषा में अनुवाद किया और पंजाब में लाला लाजपतराय ने भी इन दोनों इतालवी नेताओं की जीवनियां लिखी, जो 1930-32 तक खूब पढ़ी गई।