रहस्यवाद तथा हिमालय में रहने वाले योगियों की सैकड़ों वर्ष लम्बी आयु और अद्भुत चमत्कारों का प्रचार आरम्भ किया, यह बताने की ज़रूरत नहीं कि विवेकानन्द ने उनकी राष्ट्रविरोधी तथा प्रतिक्रियावादी भूमिका को भली-भांति समझ लिया था।
198 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
1875 में स्वामी दयानन्द ने लाहौर में आर्यसमाज की स्थापना की। इससे पहले वे बंगाल आए थे और उन्होंने केशवचन्द्र से बातचीत की थी। पर उनका ब्रह्यसमाज से इसलिए समझौता नहीं
रहस्यवाद तथा हिमालय में रहने वाले योगियों की सैकड़ों वर्ष लम्बी आयु और अद्भुत चमत्कारों का प्रचार आरम्भ किया, यह बताने की ज़रूरत नहीं कि विवेकानन्द ने उनकी राष्ट्रविरोधी तथा प्रतिक्रियावादी भूमिका को भली-भांति समझ लिया था।
198 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
1875 में स्वामी दयानन्द ने लाहौर में आर्यसमाज की स्थापना की। इससे पहले वे बंगाल आए थे और उन्होंने केशवचन्द्र से बातचीत की थी। पर उनका ब्रह्यसमाज से इसलिए समझौता नहीं