रमानाथ-'मुझसे साफ जवाब न देते बनेगा। दुनिया-भर की ख़ुशामद करेगा। चुनी चुना,आप बडे आदमी हैं, रईस हैं, राजा हैं। आपके लिए डेढ़सौ क्या चीज़ है। मैं उसकी बातों में आ जाऊंगा। '
जालपा-'अच्छा, चलो मैं ही कहे देती हूं।'
रमानाथ-'वाह, फिर तो सब काम ही बन गया।
रमा पीछे दुबक गया। जालपा दालान में आकर बोली, 'ज़रा यहां आना जी, ओ सर्राफ! लूटने आए हो, या माल बेचने आए हो! '
चरनदास बरामदे से उठकर द्वार पर आया और बोला, 'क्या हुक्म है, सरकार।
रमानाथ-'मुझसे साफ जवाब न देते बनेगा। दुनिया-भर की ख़ुशामद करेगा। चुनी चुना,आप बडे आदमी हैं, रईस हैं, राजा हैं। आपके लिए डेढ़सौ क्या चीज़ है। मैं उसकी बातों में आ जाऊंगा। '
जालपा-'अच्छा, चलो मैं ही कहे देती हूं।'
रमानाथ-'वाह, फिर तो सब काम ही बन गया।
रमा पीछे दुबक गया। जालपा दालान में आकर बोली, 'ज़रा यहां आना जी, ओ सर्राफ! लूटने आए हो, या माल बेचने आए हो! '
चरनदास बरामदे से उठकर द्वार पर आया और बोला, 'क्या हुक्म है, सरकार।