अलंकार - Alankar

को उठाये भागे जाते हैं ! और जब यह तीनों सुन्दर नग्न मूर्तियां, इन दैत्यों के हाथ से छूटकर गिरीं और टुकड़ेटुकड़े हो गयीं, तो गहरी शोकध्वनि कानों में आयी।

यह शोर सुनकर पड़ोसी एकएक करके जागने लगे और आंखें मलमलकर खिड़कियों से देखने लगे कि यह धुआं कहां से आ रहा है। तब उसकी अर्धनग्न दशा में बाहर निकल पड़े और अलाव के चारों ओर जमा हो गये।

यह माजरा क्या है ? यही परश्न एक दूसरे से करता था।

इन लोगों में वह व्यापारी थे जिनसे थायस इत्र,


428 of 707

को उठाये भागे जाते हैं ! और जब यह तीनों सुन्दर नग्न मूर्तियां, इन दैत्यों के हाथ से छूटकर गिरीं और टुकड़ेटुकड़े हो गयीं, तो गहरी शोकध्वनि कानों में आयी।

यह शोर सुनकर पड़ोसी एकएक करके जागने लगे और आंखें मलमलकर खिड़कियों से देखने लगे कि यह धुआं कहां से आ रहा है। तब उसकी अर्धनग्न दशा में बाहर निकल पड़े और अलाव के चारों ओर जमा हो गये।

यह माजरा क्या है ? यही परश्न एक दूसरे से करता था।

इन लोगों में वह व्यापारी थे जिनसे थायस इत्र,


428 of 707