अलंकार - Alankar

तेल, कपड़े आदि लिया करती थी, और वह सचिन्त भाव से मुंह लटकाये ताक रहे थे। उनकी समझ में कुछ न आता था कि यह क्या हो रहा है। कई विषयभोगी पुरुष जो रात भर के विलास के बाद सिर पर हार लपेटे, कुरते पहने गुलामों के पीछे जाते हुए उधर से निकले तो यह दृश्य देखकर ठिठक गये और जोरजोर से तालियां बजाकर चिल्लाने लगे। धीरेधीरे कुतूहलवश और लोग आ गये और बड़ी भीड़ जमा हो गयी। तब लोगों को ज्ञात हुआ कि थायस धमार्श्रम के तपस्वी पापनाशी के आदेश


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तेल, कपड़े आदि लिया करती थी, और वह सचिन्त भाव से मुंह लटकाये ताक रहे थे। उनकी समझ में कुछ न आता था कि यह क्या हो रहा है। कई विषयभोगी पुरुष जो रात भर के विलास के बाद सिर पर हार लपेटे, कुरते पहने गुलामों के पीछे जाते हुए उधर से निकले तो यह दृश्य देखकर ठिठक गये और जोरजोर से तालियां बजाकर चिल्लाने लगे। धीरेधीरे कुतूहलवश और लोग आ गये और बड़ी भीड़ जमा हो गयी। तब लोगों को ज्ञात हुआ कि थायस धमार्श्रम के तपस्वी पापनाशी के आदेश


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