सेनापति ने सब से पहले यह काम किया कि शाहजी भोंसले की स्त्री और पुत्र को जो नीरापुर के निकट ठहरे हुए थे गिरफ्तार करने का प्रयत्न किया। एक मुसलमान सेनानायक ने धोखा देकर उनको गिरफ्तार भी किया परन्तु जब मराठा सरदारों ने यह समाचार सुना तो जमानत देकर स्त्री को छुड़ा कर गोदवाना के किले में पहंुचा दिया। एक नई चाल शाहजी भोंसले ने इसी बीच और चली। फतेहखां वजीर (अहमदनगर का) उस समय गिरफ्तार ही था। फतेहखां ने जिस बादशाह को तख़्त
छत्रपति शिवाजी 37
सेनापति ने सब से पहले यह काम किया कि शाहजी भोंसले की स्त्री और पुत्र को जो नीरापुर के निकट ठहरे हुए थे गिरफ्तार करने का प्रयत्न किया। एक मुसलमान सेनानायक ने धोखा देकर उनको गिरफ्तार भी किया परन्तु जब मराठा सरदारों ने यह समाचार सुना तो जमानत देकर स्त्री को छुड़ा कर गोदवाना के किले में पहंुचा दिया। एक नई चाल शाहजी भोंसले ने इसी बीच और चली। फतेहखां वजीर (अहमदनगर का) उस समय गिरफ्तार ही था। फतेहखां ने जिस बादशाह को तख़्त
छत्रपति शिवाजी 37