छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

चालबाजी सुनी तो क्रोध से जल उठा। फलस्वरूप उसने एक बड़ी सेना के साथ औरंगजेब को जो उस समय नवयुवक था दक्षिण की ओर रवाना किया। साथ में दो और सेनापति ’जनरल खांजमां वा ख़ानदौरा नियत किये गये परन्तु वे शाहजी भोंसले के सम्मुख युद्व में न ठहर सके। अन्त में शाहजहां ने शायस्ता खां और ख़ानदौरां नियत किये गये परन्तु वे शाहजी भोंसले के सम्मुख न ठहर सके। अन्त में शाहजहां ने शायस्ता खां और अलीवर्दी खां को उनकी सहायता के लिए भेजां इन चारों


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चालबाजी सुनी तो क्रोध से जल उठा। फलस्वरूप उसने एक बड़ी सेना के साथ औरंगजेब को जो उस समय नवयुवक था दक्षिण की ओर रवाना किया। साथ में दो और सेनापति ’जनरल खांजमां वा ख़ानदौरा नियत किये गये परन्तु वे शाहजी भोंसले के सम्मुख युद्व में न ठहर सके। अन्त में शाहजहां ने शायस्ता खां और ख़ानदौरां नियत किये गये परन्तु वे शाहजी भोंसले के सम्मुख न ठहर सके। अन्त में शाहजहां ने शायस्ता खां और अलीवर्दी खां को उनकी सहायता के लिए भेजां इन चारों


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