ली। स्त्री ने सनातन रीत्यनुसार पहले तो यह कहा कि स्त्रियों की सम्मति ठीक नहीं होती कारण कि उनमें बुद्वि कम होती है। परन्तू यदि आप मेरी सम्मति लेना ठीक समझते हैं तब तो गौ- ब्राह्यण तथा धर्म रक्षा करना अधिक श्रेयस्कर है, चाहे इनके करने में पिता की आज्ञा का उल्लघंन ही क्यों न करना पड़े। स्त्री ने यह भी कहा कि शाहजी यहां से दूर हैं, उनको क्या मालूम किइस इलाके में कौन कौन सी विपत्ति पड़ रही है। यदि वे यहां होते तो कभी ऐसा न करते वरना आपको और अधिक सहायता देते।
ली। स्त्री ने सनातन रीत्यनुसार पहले तो यह कहा कि स्त्रियों की सम्मति ठीक नहीं होती कारण कि उनमें बुद्वि कम होती है। परन्तू यदि आप मेरी सम्मति लेना ठीक समझते हैं तब तो गौ- ब्राह्यण तथा धर्म रक्षा करना अधिक श्रेयस्कर है, चाहे इनके करने में पिता की आज्ञा का उल्लघंन ही क्यों न करना पड़े। स्त्री ने यह भी कहा कि शाहजी यहां से दूर हैं, उनको क्या मालूम किइस इलाके में कौन कौन सी विपत्ति पड़ रही है। यदि वे यहां होते तो कभी ऐसा न करते वरना आपको और अधिक सहायता देते।