की सौतेली मां का भाई था जो एक सूबेदार था। शिवाजी के दूतों ने फिरंगाजी को तो अपने पक्ष में कर लिया परन्तु सम्भाजी मोहिते रह गया। शिवाजी इसी चिन्ता ही में था कि ’गोन्दवाने’ का किला भी उसके हाथ आ गया। किले के रक्षक ने जो मुसलमान था, एक बड़ी भारी रकम रिश्वत में लेकर किला शिवाजी को सौंप दिया। यह किला और किलों से बड़ा और उचित स्थान पर था जिसका नाम शिवाजी ने ’ सिंहगढ़’ रक्खा और इसी नाम से वह अब तक प्रसिद्व है।
सम्भाजी मोहिते
की सौतेली मां का भाई था जो एक सूबेदार था। शिवाजी के दूतों ने फिरंगाजी को तो अपने पक्ष में कर लिया परन्तु सम्भाजी मोहिते रह गया। शिवाजी इसी चिन्ता ही में था कि ’गोन्दवाने’ का किला भी उसके हाथ आ गया। किले के रक्षक ने जो मुसलमान था, एक बड़ी भारी रकम रिश्वत में लेकर किला शिवाजी को सौंप दिया। यह किला और किलों से बड़ा और उचित स्थान पर था जिसका नाम शिवाजी ने ’ सिंहगढ़’ रक्खा और इसी नाम से वह अब तक प्रसिद्व है।
सम्भाजी मोहिते