के पास तीन सौ चुने हुए सवार थे और सूबे में उसका अधिकार था। शिवाजी के कई बार पत्र लिखने पर भी वह चिकनी चुपड़ी बातें करता रहा परन्तु शाह जी की आज्ञा के बिना उसने हिसाब चुकाने के लिए स्पष्ट इन्कार कर दिया। इस बात चिढ़ कर शिवाजी ने अपने मावली सिपाहियों को साथ लेकर रात के समय चढ़ाई कर दी और सम्भाजी मोहिते को उनके साथियों समेत कैद कर लिया।
छत्रपति शिवाजी 45
मेहिते को उन्होंने कर्नाटक भेज दिया और शेष आदमियों में से जिन्होंने
के पास तीन सौ चुने हुए सवार थे और सूबे में उसका अधिकार था। शिवाजी के कई बार पत्र लिखने पर भी वह चिकनी चुपड़ी बातें करता रहा परन्तु शाह जी की आज्ञा के बिना उसने हिसाब चुकाने के लिए स्पष्ट इन्कार कर दिया। इस बात चिढ़ कर शिवाजी ने अपने मावली सिपाहियों को साथ लेकर रात के समय चढ़ाई कर दी और सम्भाजी मोहिते को उनके साथियों समेत कैद कर लिया।
छत्रपति शिवाजी 45
मेहिते को उन्होंने कर्नाटक भेज दिया और शेष आदमियों में से जिन्होंने