नौकरी स्वीकार कर ली उन्हें अपने पास रख लिया और दूसरों को कर्नाटक अपने पिता के पास रवाना कर दिया। इस इलाके में कर्नाटक और पुरन्दर ही दो किले थे जो शाही अफसरों के अधिकार में थे। सदा से शिवाजी की उन पर दृष्टि लगी थी। उनमें से एक किला तो मुसलमान किलेदार को रिश्वत देकर ले लिया था और दूसरे किले की वह ताक में ही था। संयोग से इसी समय दूसरा किलेदार स्वर्गलोक चला गया।
मृत किलेदार के तीन पुत्र थे जिनमें से बड़ा बेटा बिना शाही आज्ञा
नौकरी स्वीकार कर ली उन्हें अपने पास रख लिया और दूसरों को कर्नाटक अपने पिता के पास रवाना कर दिया। इस इलाके में कर्नाटक और पुरन्दर ही दो किले थे जो शाही अफसरों के अधिकार में थे। सदा से शिवाजी की उन पर दृष्टि लगी थी। उनमें से एक किला तो मुसलमान किलेदार को रिश्वत देकर ले लिया था और दूसरे किले की वह ताक में ही था। संयोग से इसी समय दूसरा किलेदार स्वर्गलोक चला गया।
मृत किलेदार के तीन पुत्र थे जिनमें से बड़ा बेटा बिना शाही आज्ञा