छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

प्राप्त किये ही अपने पिता की गद्दी पर बैठ गया और किलेदार बन बैठा। दोनों छोटे बेटों ने अपनी मदद के लिए शिवाजी की शरण ली । इस बहाने शिवाजी ने अपनी बड़ी सेना साथ ले पुरन्दर किले के नीचे डेरा जमाया। सब भाइयों ने शिवाजी को उनके कई सरदारों के साथ किले में रहे और मौका पाकर रात में बड़े भाई को कैद कर लिया और शेष दो भाइयों और किला निवासियों को अपनी तरफ मिला लिया। इस कुटनीति से किले को अपने वश में करके बदले में बहुत सी जागीर उन तीनों


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प्राप्त किये ही अपने पिता की गद्दी पर बैठ गया और किलेदार बन बैठा। दोनों छोटे बेटों ने अपनी मदद के लिए शिवाजी की शरण ली । इस बहाने शिवाजी ने अपनी बड़ी सेना साथ ले पुरन्दर किले के नीचे डेरा जमाया। सब भाइयों ने शिवाजी को उनके कई सरदारों के साथ किले में रहे और मौका पाकर रात में बड़े भाई को कैद कर लिया और शेष दो भाइयों और किला निवासियों को अपनी तरफ मिला लिया। इस कुटनीति से किले को अपने वश में करके बदले में बहुत सी जागीर उन तीनों


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