छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

पदद की जो शिवाजी को कैद करने के लिए जा रही थी। शिवाजी के मित्रों को इस अनुचित कार्यवाही पर बड़ा क्रोध आया और वे बदला लेने की फिक्र में घूमने लगे। इस काम में उन लोगों ने कुटनीति से काम लेना उचित ठहराया। राघोबल्लाल अत्रे और ’सम्भाजी कावजी’ मित्र भाव से इसके राज्य में जा घुसे और समय पाकर चन्द्रराव का वध कर दिया। बाहर से उसके साथियों ने चारों तरफ से ’जावली’ को घेर लिया। बड़ी भारी लड़ाई के बाद मन्त्री हिम्मतराव भी मारा गया। लड़के


153 of 401

पदद की जो शिवाजी को कैद करने के लिए जा रही थी। शिवाजी के मित्रों को इस अनुचित कार्यवाही पर बड़ा क्रोध आया और वे बदला लेने की फिक्र में घूमने लगे। इस काम में उन लोगों ने कुटनीति से काम लेना उचित ठहराया। राघोबल्लाल अत्रे और ’सम्भाजी कावजी’ मित्र भाव से इसके राज्य में जा घुसे और समय पाकर चन्द्रराव का वध कर दिया। बाहर से उसके साथियों ने चारों तरफ से ’जावली’ को घेर लिया। बड़ी भारी लड़ाई के बाद मन्त्री हिम्मतराव भी मारा गया। लड़के


153 of 401