कैद कर लिये गये और ’जावली’ में राघो बल्लाल का अधिकार हो गया। समस्त मरहठा इतिहास लेखक एकमत होकर लिखते हैं कि राघोबल्लाल आदि ने यह काम शिवाजी को बिना सूचना दिये किया था इसलिए यह दग़ाबाजी शिवाजी के मत्थे नहीं मढ़ी जा सकती है। राजा चन्द्राराव का राज्य शिवाजी के हाथ आ जाने से उनकी शक्ति और ज्यादा बढ़ गई और उन्होंने ’खेरा’ पर भी अधिकार कर लिया। खेरा की लड़ाई में ’बन्दल देशमुख ने’ जो आक्रमण के समय किले में था, खूब वीरता से मुकाबला
कैद कर लिये गये और ’जावली’ में राघो बल्लाल का अधिकार हो गया। समस्त मरहठा इतिहास लेखक एकमत होकर लिखते हैं कि राघोबल्लाल आदि ने यह काम शिवाजी को बिना सूचना दिये किया था इसलिए यह दग़ाबाजी शिवाजी के मत्थे नहीं मढ़ी जा सकती है। राजा चन्द्राराव का राज्य शिवाजी के हाथ आ जाने से उनकी शक्ति और ज्यादा बढ़ गई और उन्होंने ’खेरा’ पर भी अधिकार कर लिया। खेरा की लड़ाई में ’बन्दल देशमुख ने’ जो आक्रमण के समय किले में था, खूब वीरता से मुकाबला