ने आसपास की बस्ती उजाड़ना शुरू कर दिया और यत्न किया कि जिससे शत्रु को भोजन सामग्री मिलनी कठिन हो जाये। मावली लोगों ने पर्वतों को घाटियों को छोड़ कर अलग बस्ती बसाई और यदा कदा शत्रु पर आक्रमण कर उनका विध्वंस करने लगे! यद्यपि शिवाजी के साथियों ने इस प्रकार शत्रु को अधिक हानि पहंुचाई परन्तु तब भी ’सीदी जौहर’ धैर्य से मैदान में डटा रहा। उधर कोंकण में भी युद्व आरम्भ हो गया जिससे
64 छत्रपति शिवाजी
मुसलमानों ने कुछ समय तक लाभ
ने आसपास की बस्ती उजाड़ना शुरू कर दिया और यत्न किया कि जिससे शत्रु को भोजन सामग्री मिलनी कठिन हो जाये। मावली लोगों ने पर्वतों को घाटियों को छोड़ कर अलग बस्ती बसाई और यदा कदा शत्रु पर आक्रमण कर उनका विध्वंस करने लगे! यद्यपि शिवाजी के साथियों ने इस प्रकार शत्रु को अधिक हानि पहंुचाई परन्तु तब भी ’सीदी जौहर’ धैर्य से मैदान में डटा रहा। उधर कोंकण में भी युद्व आरम्भ हो गया जिससे
64 छत्रपति शिवाजी
मुसलमानों ने कुछ समय तक लाभ