मण्डल को ध्वस्त करके राज्य अपने अधिकार में कर ले और शिवाजी को कैद कर लाये। शायस्ता खां इस आज्ञा का पालन करने के लिए एक बड़ी भारी सेना के साथ रवाना हुआ और रास्ते में किलों को फतह करता हुआ पूना तक आ पहुंचा और यहां से ’चाकन’ के किले पर आक्रमण कर दिया। ’फिरंगा निर्मला’ जो ’चाकन’ के किले का अध्यक्ष था अपने साथियों के साथ बड़ी वीरता से लड़़ता रहा। सम्पूर्ण सेना को लिऐ हुए शायस्ता खां 55 दिन तक किला घेरे अड़ा रहा। अन्त को 56 वें
मण्डल को ध्वस्त करके राज्य अपने अधिकार में कर ले और शिवाजी को कैद कर लाये। शायस्ता खां इस आज्ञा का पालन करने के लिए एक बड़ी भारी सेना के साथ रवाना हुआ और रास्ते में किलों को फतह करता हुआ पूना तक आ पहुंचा और यहां से ’चाकन’ के किले पर आक्रमण कर दिया। ’फिरंगा निर्मला’ जो ’चाकन’ के किले का अध्यक्ष था अपने साथियों के साथ बड़ी वीरता से लड़़ता रहा। सम्पूर्ण सेना को लिऐ हुए शायस्ता खां 55 दिन तक किला घेरे अड़ा रहा। अन्त को 56 वें