छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

दिन जब किले की दीवार गोलियों के काण जर्जर और चलनी हो गई तो वीर मरहठे प्राणों की माया को छोड़ कर मुगलिया सेना पर टूट पड़े और दिन भर युद्व करते रहे। सूर्यास्त तक उन्होंने मुगल सेना को एक पांव भी आगे नहीं बढ़ने दिया। अन्त में सूर्यास्त के समय लड़ाई बन्द

70 छत्रपति शिवाजी

हो गई। प्रातःकाल मराठे दुर्गाध्यक्ष ने इतनी बड़ी सेना से सामना करना निष्फल जाकर किले को खाली कर दिया। मुगल सेनापति ने उन सब की बड़ी प्रशंसा की और दुर्गाध्यक्ष


218 of 401

दिन जब किले की दीवार गोलियों के काण जर्जर और चलनी हो गई तो वीर मरहठे प्राणों की माया को छोड़ कर मुगलिया सेना पर टूट पड़े और दिन भर युद्व करते रहे। सूर्यास्त तक उन्होंने मुगल सेना को एक पांव भी आगे नहीं बढ़ने दिया। अन्त में सूर्यास्त के समय लड़ाई बन्द

70 छत्रपति शिवाजी

हो गई। प्रातःकाल मराठे दुर्गाध्यक्ष ने इतनी बड़ी सेना से सामना करना निष्फल जाकर किले को खाली कर दिया। मुगल सेनापति ने उन सब की बड़ी प्रशंसा की और दुर्गाध्यक्ष


218 of 401