छत्रपति शिवाजी 71
औरंगजेब के सिपहसालार शायस्ता खां ने आज्ञा दी रखी थी कि कोई मरहठा बिना प्रमाणपत्र नगर के भीतर न आने पावे परन्तु शिवाजी ने अपनी चालाकी से प्रमाणपत्र प्राप्त कर किला और नगर में प्रवेश किया। शायस्ता खां की सेना के एक मरहठे सिपाही ने अपनी लड़की के विवाह के बहाने शहर में बाजे गाजे के साथ जुलूस निकालने की आज्ञा दी। इस बारात में कुछ शस्त्रधारी भी थे। शिवाजी जो ’संगरह’ के किले से शाम को रवाना हुए थे रात को
छत्रपति शिवाजी 71
औरंगजेब के सिपहसालार शायस्ता खां ने आज्ञा दी रखी थी कि कोई मरहठा बिना प्रमाणपत्र नगर के भीतर न आने पावे परन्तु शिवाजी ने अपनी चालाकी से प्रमाणपत्र प्राप्त कर किला और नगर में प्रवेश किया। शायस्ता खां की सेना के एक मरहठे सिपाही ने अपनी लड़की के विवाह के बहाने शहर में बाजे गाजे के साथ जुलूस निकालने की आज्ञा दी। इस बारात में कुछ शस्त्रधारी भी थे। शिवाजी जो ’संगरह’ के किले से शाम को रवाना हुए थे रात को