छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

निरूत्साही हो यशवन्तसिंह को झूठी शिकायतें करने लगा। पहले तो औरंगजेब ने इन दोनों को वापस बुला लिया और उनके स्थान में अपने पुत्र ’मुअज्जम’ को रवाना किया। परन्तु फिर शायस्ता खां को बंगाल का शासन देकर यशवन्तसिंह को मरहठों के मुकाबिले के लिए भेजा परन्तु यशवन्तसिंह को भी पूरी सफलता न मिली कि वह शिवाजी को पहाड़ी किले से निकाल बाहर करता। अन्त में लाचार होकर अपनी सेना का कुछ भाग ’चाकन’ और ’जूनर’ के किलों पर छोड़ कर शाही सेना का औरंगाबाद वापस आना पड़ा।


227 of 401

निरूत्साही हो यशवन्तसिंह को झूठी शिकायतें करने लगा। पहले तो औरंगजेब ने इन दोनों को वापस बुला लिया और उनके स्थान में अपने पुत्र ’मुअज्जम’ को रवाना किया। परन्तु फिर शायस्ता खां को बंगाल का शासन देकर यशवन्तसिंह को मरहठों के मुकाबिले के लिए भेजा परन्तु यशवन्तसिंह को भी पूरी सफलता न मिली कि वह शिवाजी को पहाड़ी किले से निकाल बाहर करता। अन्त में लाचार होकर अपनी सेना का कुछ भाग ’चाकन’ और ’जूनर’ के किलों पर छोड़ कर शाही सेना का औरंगाबाद वापस आना पड़ा।


227 of 401