नगर’’ को लूटा और फिर औरंगजेब के आसपास को निष्कण्टक किया। विजयपुर की सेना ने प्रतिज्ञा-पत्र को तोड़ कर ’कोंकण’ पर आक्रमण किया था। इसीलिए शिवाजी भी इस जोड़ तोड़ में बिजली के समान कभी यहां कभी वहां जा निकलते थे। अंगे्रज निरीक्षकों ने लिखा है कि शिवाजी की चेष्टाएं ऐसी चुस्त और तीक्ष्ण होती थीं जिसके कारण वे प्रत्येक स्थान पर दिखाई दिया करते थे। लोग समझते थे कि शिवाजी उत्तर दिशा को जा रहे हैं परन्तु फिर पता चलता िकवह तो दक्षिण में जा पहुंचे। आज एक स्थान,
नगर’’ को लूटा और फिर औरंगजेब के आसपास को निष्कण्टक किया। विजयपुर की सेना ने प्रतिज्ञा-पत्र को तोड़ कर ’कोंकण’ पर आक्रमण किया था। इसीलिए शिवाजी भी इस जोड़ तोड़ में बिजली के समान कभी यहां कभी वहां जा निकलते थे। अंगे्रज निरीक्षकों ने लिखा है कि शिवाजी की चेष्टाएं ऐसी चुस्त और तीक्ष्ण होती थीं जिसके कारण वे प्रत्येक स्थान पर दिखाई दिया करते थे। लोग समझते थे कि शिवाजी उत्तर दिशा को जा रहे हैं परन्तु फिर पता चलता िकवह तो दक्षिण में जा पहुंचे। आज एक स्थान,