छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

कल देसरे स्थान में, परसों दूर एक तीसरे स्थान पर, सारांश यह कि वह ऐसी फुर्ती से काम करते थे कि शत्रु देख कर चकित हो जाते थे । वहे सदैव इसी विचार में रहते थे कि वह (शिवाजी) कोई मनुष्य है अथवा भूत-प्रेत। उनका समाचार प्रबन्ध (डाक विभाग) ऐसा पूर्ण और सच्चा था कि शिवाजी के पास शत्रु के घर के समाचारों का एक एक अक्षर ठीक ठीक और समय पर पहुंचाता था।

सामने मैदान में सारी शाही सेना पड़ी है, एक ओर विजयपुर की सेना धमकियां दे रही है।


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कल देसरे स्थान में, परसों दूर एक तीसरे स्थान पर, सारांश यह कि वह ऐसी फुर्ती से काम करते थे कि शत्रु देख कर चकित हो जाते थे । वहे सदैव इसी विचार में रहते थे कि वह (शिवाजी) कोई मनुष्य है अथवा भूत-प्रेत। उनका समाचार प्रबन्ध (डाक विभाग) ऐसा पूर्ण और सच्चा था कि शिवाजी के पास शत्रु के घर के समाचारों का एक एक अक्षर ठीक ठीक और समय पर पहुंचाता था।

सामने मैदान में सारी शाही सेना पड़ी है, एक ओर विजयपुर की सेना धमकियां दे रही है।


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