छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

चिन्ता में डाल दिया और सम्पूर्ण सेना के मुख मण्डल को भी ढीला कर दिया और सम्पूर्ण सेना के मुख मण्डल में उदासीनता छा गई। अन्त में शिवाजी ने सोचा कि तलवार के बदले किसी अन्य ढंग से काम लेना चाहिए इसलिए शिवाजी ने सन्धि की चर्चा शुरू कर दी।

रायगढ़ के पास शिवाजी ने जयसिंह से सन्धि करने के लिए प्रस्ताव भेजा और उधर ’पूर्णधर’ किले में वीर मरहठे दिलेरखां और उसके वीर पठानों को जान लड़ाने की शिक्षा दे रहे हैं। उस मरहठा अफसर का नाम


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चिन्ता में डाल दिया और सम्पूर्ण सेना के मुख मण्डल को भी ढीला कर दिया और सम्पूर्ण सेना के मुख मण्डल में उदासीनता छा गई। अन्त में शिवाजी ने सोचा कि तलवार के बदले किसी अन्य ढंग से काम लेना चाहिए इसलिए शिवाजी ने सन्धि की चर्चा शुरू कर दी।

रायगढ़ के पास शिवाजी ने जयसिंह से सन्धि करने के लिए प्रस्ताव भेजा और उधर ’पूर्णधर’ किले में वीर मरहठे दिलेरखां और उसके वीर पठानों को जान लड़ाने की शिक्षा दे रहे हैं। उस मरहठा अफसर का नाम


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