ने एक शर्त और बढ़ा दी थी कि ’शिवाजी’ के बीजापुर को सर करने में सहायता दंे।
इस शर्त को पूरा करने के लिए शिवाजी दो हजार सवार और आठ हजार पैदल सेना के साथ राजा जयसिंह के साथ बीजापुर को आधीन करने में सम्मिलित हुए। शिवाजी और नेता जी पालकर ने इन लड़ाइयों में वह बहादुरी दिखाई कि औरंगजेब ने स्वयं चिट्ठी शिवाजी को लिखी जिसमें उसने शिवाजी की प्रशंसा की और एक बहुमूल्य दुशाला दिया। इसके बाद औरंगजेब ने फिर एक पत्र शिवाजी को लिखा कि
ने एक शर्त और बढ़ा दी थी कि ’शिवाजी’ के बीजापुर को सर करने में सहायता दंे।
इस शर्त को पूरा करने के लिए शिवाजी दो हजार सवार और आठ हजार पैदल सेना के साथ राजा जयसिंह के साथ बीजापुर को आधीन करने में सम्मिलित हुए। शिवाजी और नेता जी पालकर ने इन लड़ाइयों में वह बहादुरी दिखाई कि औरंगजेब ने स्वयं चिट्ठी शिवाजी को लिखी जिसमें उसने शिवाजी की प्रशंसा की और एक बहुमूल्य दुशाला दिया। इसके बाद औरंगजेब ने फिर एक पत्र शिवाजी को लिखा कि