मेरी यही इच्छा है कि शाही दरबार में बुलाकर आप का सत्कार किया जाये और फिर आप को आदर के साथ अपने राज्य में लौट जाने की आज्ञा दी जाये। राजा जयसिंह ने शिवाजी को विश्वास दिलाया कि वह स्वंय शिवाजी की स्वतन्त्रता का जिम्मेदार है। इस विश्वास पर शिवाजी ने दरबार में जाने का इरादा किया। इस अवसर पर शिवाजी ने अपने सभी किलों का निरिक्षण किया और किलों के अध्यक्षों तथा अन्यान्य अधिकारियों को आवश्यक आज्ञाएं देकर रवाना हुए।
अध्याय 8
मेरी यही इच्छा है कि शाही दरबार में बुलाकर आप का सत्कार किया जाये और फिर आप को आदर के साथ अपने राज्य में लौट जाने की आज्ञा दी जाये। राजा जयसिंह ने शिवाजी को विश्वास दिलाया कि वह स्वंय शिवाजी की स्वतन्त्रता का जिम्मेदार है। इस विश्वास पर शिवाजी ने दरबार में जाने का इरादा किया। इस अवसर पर शिवाजी ने अपने सभी किलों का निरिक्षण किया और किलों के अध्यक्षों तथा अन्यान्य अधिकारियों को आवश्यक आज्ञाएं देकर रवाना हुए।
अध्याय 8