छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

है। लड़ाई झगड़े और लूट खसोट के सिवा इसने और कुछ नहीं देखा। आज तक मुग़ल सम्राट का विचार तक इसके दिल में नहीं आया है। अपनी वीरता और चालाकी के भरोसे यह शाही सेना का मुकाबला करता आया है। इसने कभी यह अनुभव नहीं किया कि जिन राजकीय सेनाओं का मुकाबला वह बडे़ साहस से करता था उसकी पीठ पर एक ऐसा उच्च और महान् राज्य है जिसके सामने भारतवर्ष के सम्पूर्ण राजा महाराजा सिर झुकाते हैं।

अभिमानी राठौर, चैहान तथा कछवाहे भी बारी बारी से सब


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है। लड़ाई झगड़े और लूट खसोट के सिवा इसने और कुछ नहीं देखा। आज तक मुग़ल सम्राट का विचार तक इसके दिल में नहीं आया है। अपनी वीरता और चालाकी के भरोसे यह शाही सेना का मुकाबला करता आया है। इसने कभी यह अनुभव नहीं किया कि जिन राजकीय सेनाओं का मुकाबला वह बडे़ साहस से करता था उसकी पीठ पर एक ऐसा उच्च और महान् राज्य है जिसके सामने भारतवर्ष के सम्पूर्ण राजा महाराजा सिर झुकाते हैं।

अभिमानी राठौर, चैहान तथा कछवाहे भी बारी बारी से सब


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