छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

से तो साधुपन का दावा रखता था यहां तक कि बाप को गद्दी से उतार कर कैद करना और अन्त में विष देकर मरवा देना, भाइयों के साथ सख्ती करके बहुत बुरी तरह से मारना, हिन्दुओं के साथ दुष्टता का बर्ताव करना आदि सब धर्म की आड़ में किया करता था। माला दिन भर उसके हाथ में रहा करती। नमाज और रोज़ा रोजाना ठीक समय पर किया करता था। गाने बजाने को वह हराम समझता था, यहां तक कि उसके सामने गााना बजाना नितान्त बन्द था। शाहजहां की बनाई गद्दी पर बैठना


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से तो साधुपन का दावा रखता था यहां तक कि बाप को गद्दी से उतार कर कैद करना और अन्त में विष देकर मरवा देना, भाइयों के साथ सख्ती करके बहुत बुरी तरह से मारना, हिन्दुओं के साथ दुष्टता का बर्ताव करना आदि सब धर्म की आड़ में किया करता था। माला दिन भर उसके हाथ में रहा करती। नमाज और रोज़ा रोजाना ठीक समय पर किया करता था। गाने बजाने को वह हराम समझता था, यहां तक कि उसके सामने गााना बजाना नितान्त बन्द था। शाहजहां की बनाई गद्दी पर बैठना


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