राजपूती रक्त उनकी नसों में खौलने लगा। अपने से उच्च दरबारियों को सम्बोधन करते हुए बोले कि यदि उनमें मुझ से अधिक योग्यता है तो रण में आयें और अपनी शक्ति का परिचय दें और मेरी वीरता देखें। बादशाह की आड़ लेकर डरपोक और स्त्रियों के समान आभूषण पहिन कर मुझ से उच्च दर्जे में बैठना अत्यन्त लज्जा की बात है।
शिवाजी की यह ललकार सुनते ही सम्पूर्ण दरबारी चकित हो गये कि यह मरहठा क्या अनर्थ कर रहा है? भारत के सम्राट् सामने बैठा है, चारों
राजपूती रक्त उनकी नसों में खौलने लगा। अपने से उच्च दरबारियों को सम्बोधन करते हुए बोले कि यदि उनमें मुझ से अधिक योग्यता है तो रण में आयें और अपनी शक्ति का परिचय दें और मेरी वीरता देखें। बादशाह की आड़ लेकर डरपोक और स्त्रियों के समान आभूषण पहिन कर मुझ से उच्च दर्जे में बैठना अत्यन्त लज्जा की बात है।
शिवाजी की यह ललकार सुनते ही सम्पूर्ण दरबारी चकित हो गये कि यह मरहठा क्या अनर्थ कर रहा है? भारत के सम्राट् सामने बैठा है, चारों