छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

का अवसर हाथ न आवेगा। शिवाजी जीवन से तो हाथ धो ही चुके थे अब तो केवल भाग्य की परीक्षा कर रहे थे कि शायद किसी प्रकार इस जाल से निकल जायें।

दूसरे दिन से औरंगजेब ने शिवाजी के निवास स्थान पर कड़े पहरे का प्रबन्ध करने का प्रबन्ध कर दिया। जब कभी शिवाजी शहर में घूमने जाते थे तो पहरेदार साथ रहते थे मानो वे एक प्रकार से नजरबन्द कैदी की हालत में थे।

एक अंगे्रज इतिहासकार ने लिखा है कि औरंगजेब ने शिवाजी को कत्ल करने का प्रबन्ध तो कर लिया,


271 of 401

का अवसर हाथ न आवेगा। शिवाजी जीवन से तो हाथ धो ही चुके थे अब तो केवल भाग्य की परीक्षा कर रहे थे कि शायद किसी प्रकार इस जाल से निकल जायें।

दूसरे दिन से औरंगजेब ने शिवाजी के निवास स्थान पर कड़े पहरे का प्रबन्ध करने का प्रबन्ध कर दिया। जब कभी शिवाजी शहर में घूमने जाते थे तो पहरेदार साथ रहते थे मानो वे एक प्रकार से नजरबन्द कैदी की हालत में थे।

एक अंगे्रज इतिहासकार ने लिखा है कि औरंगजेब ने शिवाजी को कत्ल करने का प्रबन्ध तो कर लिया,


271 of 401