परन्तु कुंवर रामसिंह (जो राजा यशवन्तसिंह का पुत्र था) जब ख़बर मिली कि औरंगजेब ऐसी कुत्सित चालें चलने का विचार कर रहा है तो उसने सम्पूर्ण समाचार शिवाजी को जा सुनाया । जब यह समाचार शिवाजी को मालूम हुआ तो वे निकलने का उपाय करने लगे और बीमारी का बहाना करके इलाज करवाना आरम्भ कर दिया। थोड़े दिनों के बाद यह बात प्रसिद्व कर दी कि अब बीमारी दूर हो गई है जिस की खुशी में अमीरों और उमरावों तथा बड़े बड़े पदाधिकारियों के यहां मिठाइयों
परन्तु कुंवर रामसिंह (जो राजा यशवन्तसिंह का पुत्र था) जब ख़बर मिली कि औरंगजेब ऐसी कुत्सित चालें चलने का विचार कर रहा है तो उसने सम्पूर्ण समाचार शिवाजी को जा सुनाया । जब यह समाचार शिवाजी को मालूम हुआ तो वे निकलने का उपाय करने लगे और बीमारी का बहाना करके इलाज करवाना आरम्भ कर दिया। थोड़े दिनों के बाद यह बात प्रसिद्व कर दी कि अब बीमारी दूर हो गई है जिस की खुशी में अमीरों और उमरावों तथा बड़े बड़े पदाधिकारियों के यहां मिठाइयों