उसके चारों ओर पहरा बैठा है और शिवाजी मौजूद है। सम्राट् को शान्ति हो गई परन्तु फिर एक गुप्तचर ने खबर दी कि शिवाजी भाग गया। सम्राट् ने फिर जवाब मांगा, अतः कोतवाल स्वयं शिवाजी के स्थान पर आया और शिवाजी के पलंग पर उस मनुष्य को सोता पाया जो शिवाजी की अगूंठी पहिने हुए था। उसने फिर सम्राट् को वही उत्तर दिया। परन्तु तीसरे गुप्तचर ने शिवाजी के भागने की खबर फिर औरंगजेब को दी कहा कि कोतवाल की रिपोर्ट झुठी है। इस तीसरी खबर पर खूब
उसके चारों ओर पहरा बैठा है और शिवाजी मौजूद है। सम्राट् को शान्ति हो गई परन्तु फिर एक गुप्तचर ने खबर दी कि शिवाजी भाग गया। सम्राट् ने फिर जवाब मांगा, अतः कोतवाल स्वयं शिवाजी के स्थान पर आया और शिवाजी के पलंग पर उस मनुष्य को सोता पाया जो शिवाजी की अगूंठी पहिने हुए था। उसने फिर सम्राट् को वही उत्तर दिया। परन्तु तीसरे गुप्तचर ने शिवाजी के भागने की खबर फिर औरंगजेब को दी कहा कि कोतवाल की रिपोर्ट झुठी है। इस तीसरी खबर पर खूब