और अन्य हिन्दू राजाओं को मिलाकर औरंगजेब के हवाले करे। शाहजादा मुअज्जम ने ऐसा ही किया। दक्षिण पहुंचकर शिवाजी से अत्यन्त प्रेमभाव से मिला और कुछ लालच दिया। औरंगजेब की ओर से शिवाजी को राजा की पदवी भी दी गई। सभ्माजी का पुरस्कार भी स्थिर कर दिया गया। इसके सिवा बरार में शिवाजी को कई प्रान्तों की जागीर भी दी गई। यहां तक कि पूना चाकन तथा सूपा के प्रान्त भी लौटा दिये गये। शिवाजी ने शाहजादा मुअज्जम से परोक्षतया पत्र व्यवहार से
और अन्य हिन्दू राजाओं को मिलाकर औरंगजेब के हवाले करे। शाहजादा मुअज्जम ने ऐसा ही किया। दक्षिण पहुंचकर शिवाजी से अत्यन्त प्रेमभाव से मिला और कुछ लालच दिया। औरंगजेब की ओर से शिवाजी को राजा की पदवी भी दी गई। सभ्माजी का पुरस्कार भी स्थिर कर दिया गया। इसके सिवा बरार में शिवाजी को कई प्रान्तों की जागीर भी दी गई। यहां तक कि पूना चाकन तथा सूपा के प्रान्त भी लौटा दिये गये। शिवाजी ने शाहजादा मुअज्जम से परोक्षतया पत्र व्यवहार से