छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji

निष्फलता सदैव उनके लिए लाभप्रद होती गई वह साहस तथा पुरूषार्थ के ऐसे धनी थे कि कभी निष्फलता में भी हानि

छत्रपति शिवाजी 93

नहीं उठाई। परमात्मा सदा उनकी मदद करता था। उनका भाग्य उत्तम था। उनकी कीर्ति को पताका और जाति का गौरव उनके देश की भाग्यशीलता का निशान था। मैत्री से वह सभी को अधीन कर लेते थे- वाणी से वह लोगों के हृदयों को को खींचते थे- प्रेम और स्नेह से वह दूसरे को अपना प्रेमी बना लेते थे। मनुष्यों की वह पूरी पहिचान


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निष्फलता सदैव उनके लिए लाभप्रद होती गई वह साहस तथा पुरूषार्थ के ऐसे धनी थे कि कभी निष्फलता में भी हानि

छत्रपति शिवाजी 93

नहीं उठाई। परमात्मा सदा उनकी मदद करता था। उनका भाग्य उत्तम था। उनकी कीर्ति को पताका और जाति का गौरव उनके देश की भाग्यशीलता का निशान था। मैत्री से वह सभी को अधीन कर लेते थे- वाणी से वह लोगों के हृदयों को को खींचते थे- प्रेम और स्नेह से वह दूसरे को अपना प्रेमी बना लेते थे। मनुष्यों की वह पूरी पहिचान


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