अपनी सेना को साथ ले तानाजी यात्रा करता हुआ रायगढ़ के किले के सामने जा पहुंचा। दूर से जीजाबाई ने देखा तो उनके मन में यह विचार पैदा हो गया कि शायद कोई शत्रु चढ़ आया है। यह सोच कर जल्द शिवाजी को बुला भेजा और सामना करने के लिए आज्ञा दी। जब शिवाजी ने ध्यान देकर देखा तो ज्ञात हुआ कि यह शत्रु नहीं बल्कि
100 छत्रपति शिवाजी
मित्र है। माताजी को समझाया कि तानाजी अपनी सारी शक्ति को द्वार पर छोड़ स्वयं किले के अन्दर आ पहुंचा है।
अपनी सेना को साथ ले तानाजी यात्रा करता हुआ रायगढ़ के किले के सामने जा पहुंचा। दूर से जीजाबाई ने देखा तो उनके मन में यह विचार पैदा हो गया कि शायद कोई शत्रु चढ़ आया है। यह सोच कर जल्द शिवाजी को बुला भेजा और सामना करने के लिए आज्ञा दी। जब शिवाजी ने ध्यान देकर देखा तो ज्ञात हुआ कि यह शत्रु नहीं बल्कि
100 छत्रपति शिवाजी
मित्र है। माताजी को समझाया कि तानाजी अपनी सारी शक्ति को द्वार पर छोड़ स्वयं किले के अन्दर आ पहुंचा है।