छत्रपति शिवाजी - Chhatrapati Shivaji



यह बात हो ही रही थी कि तानाजी शिवाजी के सम्मुख आ उपस्थित हुआ और वन्दनादि शिष्टाचार के बाद बोला-हे राजन्! मैंने कौन सा अपराध किया है जो मुझे ऐसे समय में बुलाया गया जब कि मैं पुत्र का विवाह करने में संलग्न था। क्या कारण है जो मुझ से ऐसी कड़ाई से काम लिया गया। शिवाजी ने कहा-तानाजी, मैंने तुम्हें नहीं बुलाया किन्तु माताजी ने तुम्हें याद किया है। उधर माताजी बैठी हुई सब बातें सुन रही थी। चकित हो गई कि शिवाजी ने अपने ऊपर की


316 of 401



यह बात हो ही रही थी कि तानाजी शिवाजी के सम्मुख आ उपस्थित हुआ और वन्दनादि शिष्टाचार के बाद बोला-हे राजन्! मैंने कौन सा अपराध किया है जो मुझे ऐसे समय में बुलाया गया जब कि मैं पुत्र का विवाह करने में संलग्न था। क्या कारण है जो मुझ से ऐसी कड़ाई से काम लिया गया। शिवाजी ने कहा-तानाजी, मैंने तुम्हें नहीं बुलाया किन्तु माताजी ने तुम्हें याद किया है। उधर माताजी बैठी हुई सब बातें सुन रही थी। चकित हो गई कि शिवाजी ने अपने ऊपर की


316 of 401