क्यांेकि शिवाजी और तानाजी जेसे की माता कहा कर भी यदि यह किला हाथ न आया तो मृत्युपर्यन्त शोक बना रहेगा। तानाजी यह शब्द सुनते ही अपने स्थान पर लौट आया। चाचा शेलर जी ने पूछा कि कहो कैसी गुजरी? तानाजी ने उत्तर दिया कि चाचाजी क्या कहूं, माताजी विजयी हुई और मैं हार गया। अब तो मैं सीधा सिंहगढ़ जाता हूं। शेलर ने जवाब दिया, बहुत अच्छा बेटा, जाओ। जाने के पहले आओ मिल कर भोजन तो कर लें। एक कवि ने यह वृत्तान्त इस तरह लिखा है कि शिवाजी
क्यांेकि शिवाजी और तानाजी जेसे की माता कहा कर भी यदि यह किला हाथ न आया तो मृत्युपर्यन्त शोक बना रहेगा। तानाजी यह शब्द सुनते ही अपने स्थान पर लौट आया। चाचा शेलर जी ने पूछा कि कहो कैसी गुजरी? तानाजी ने उत्तर दिया कि चाचाजी क्या कहूं, माताजी विजयी हुई और मैं हार गया। अब तो मैं सीधा सिंहगढ़ जाता हूं। शेलर ने जवाब दिया, बहुत अच्छा बेटा, जाओ। जाने के पहले आओ मिल कर भोजन तो कर लें। एक कवि ने यह वृत्तान्त इस तरह लिखा है कि शिवाजी