की माता ने स्वयम् अपने सामने सम्पूर्ण सेना को भोजन कराया और तानाजी को पुरस्कार देकर सिंहगढ़ के लिए विदा किया।
101 छत्रपति शिवाजी
इस गीत के अनुसार जैसा कवि ने लिखा है कि बारह अजार सिपाही तानाजी के साथ थे परन्तु इतिहासकारों ने केवल एक हजार का ही वर्णन किया है और यह ठीक प्रतीत होता है।
तानाजी ने अपनी सेना को कई भागों में विभक्त करदिया और कई रास्तों से नियत समय पर किले के नीचे पहुंचने की आज्ञा दे दी।
जब सम्पूर्ण सेना
की माता ने स्वयम् अपने सामने सम्पूर्ण सेना को भोजन कराया और तानाजी को पुरस्कार देकर सिंहगढ़ के लिए विदा किया।
101 छत्रपति शिवाजी
इस गीत के अनुसार जैसा कवि ने लिखा है कि बारह अजार सिपाही तानाजी के साथ थे परन्तु इतिहासकारों ने केवल एक हजार का ही वर्णन किया है और यह ठीक प्रतीत होता है।
तानाजी ने अपनी सेना को कई भागों में विभक्त करदिया और कई रास्तों से नियत समय पर किले के नीचे पहुंचने की आज्ञा दे दी।
जब सम्पूर्ण सेना