यथास्थान किले के नीचे इकट्ठी हो गई तो तानाजी ने एक चादर बिछाकर पान के दस बीड़े डाल दिये और लालकार कर कहा कि कौन ऐसा वीर है जो अपने प्राणों को संकट में डालकर इस किले में जासूसी करने के लिए जा सकता है? निकल आवे और बीड़ा उठा ले। यदि वह कृतकार्य हो गया तो बड़ी भारी जागीर मिलेगी, और मालामाल हो जायेगा परन्तु किसी को साहस न पड़ा कि बीड़ा उठावे। अन्त में तानाजी ने स्वयं बीड़ा उठाया और भेष बदल रवाना हुआ। नाना प्रकार की चालें चल कर और
यथास्थान किले के नीचे इकट्ठी हो गई तो तानाजी ने एक चादर बिछाकर पान के दस बीड़े डाल दिये और लालकार कर कहा कि कौन ऐसा वीर है जो अपने प्राणों को संकट में डालकर इस किले में जासूसी करने के लिए जा सकता है? निकल आवे और बीड़ा उठा ले। यदि वह कृतकार्य हो गया तो बड़ी भारी जागीर मिलेगी, और मालामाल हो जायेगा परन्तु किसी को साहस न पड़ा कि बीड़ा उठावे। अन्त में तानाजी ने स्वयं बीड़ा उठाया और भेष बदल रवाना हुआ। नाना प्रकार की चालें चल कर और