सदर दरवाजे के पहरेदारों को भुलावा देकर किले के भीतर घुस गया और अत्यन्त सुरक्षित स्थान देखकर सेना में लौट आया। रस्सियों की एक सीढ़ी बनाई गई। तानाजी ने फिर पान के बीड़े चादर पर डाल कर कहा कि कोई क्षत्रिय का बेटा है तो बीड़ा उठावे और रस्सी के ऊपर चढ़े। सब के सब इधर उधर ताकने लगे। किसी का साहस न हुआ कि पान का बीड़ा उठा सके। यह देख तानाजी को क्रोध के नेत्र लाल हो गये। बोल उठा-उठ खड़े होओ, अपने अपने शस्त्र उतार कर रख दो और स्त्रियों
सदर दरवाजे के पहरेदारों को भुलावा देकर किले के भीतर घुस गया और अत्यन्त सुरक्षित स्थान देखकर सेना में लौट आया। रस्सियों की एक सीढ़ी बनाई गई। तानाजी ने फिर पान के बीड़े चादर पर डाल कर कहा कि कोई क्षत्रिय का बेटा है तो बीड़ा उठावे और रस्सी के ऊपर चढ़े। सब के सब इधर उधर ताकने लगे। किसी का साहस न हुआ कि पान का बीड़ा उठा सके। यह देख तानाजी को क्रोध के नेत्र लाल हो गये। बोल उठा-उठ खड़े होओ, अपने अपने शस्त्र उतार कर रख दो और स्त्रियों